Search Angika Grammar

Tuesday, October 11, 2016

वचन (Number) | अंगिका व्याकरण | Angika Grammar | कुंदन अमिताभ

वचन (Number) | अंगिका व्याकरण | Angika Grammar | कुंदन अमिताभ

वचन (Number)

संज्ञा शब्द के जिस रूप से उसकी संख्या का पता चले या एक या अनेक होने का बोध होता है,वह वचन कहलाता है ।

अंगिका में वचन के दो प्रकार हैं-

(क) एकवचन - जिस संज्ञा शब्द से एक वस्तु अथवा जीव के होने  का बोध हो उसे एकवचन कहते हैं । जैसे - जनानी, खोटा, किताब, चाभी, कुत्ता ।
(ख) बहुवचन - जिस संज्ञा शब्द से एक से अधिक वस्तु अथवा जीव के होने  का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं । जैसे - जनानी सनी, खोटा सब, किताब सब, चाभी सब, कुत्ता सिनी ।

अंगिका के एकवचन में शब्दों का मूल रूप रहता है । एकवचन से बहुवचन बनाने के लिए एकवचन शब्दों के बाद समूहवाचक शब्द - सब, सभ, सब्भे, लोग, सनी, सिनी, आरनी, आरू, लोगनी, नोकनी, आर इत्यादि जोड़े जाते हैं ।

एकवचन के पूर्व समूहवाचक शब्द रहने से उनके बहुवचन रूप में बदलाव नहीं होता । जैसे - एक पसेरी चॉर, सब्भे चटिया ।

एकवचन      -     बहुवचन

आदमी       -      आदमी सिनी

बुतरू         -       बुतरू आरनी

धोरैय         -       धोरैय सब

हमरा        -        हमरा आर

बरतू        -      बरतुहार

 

 

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

Search Angika Grammar

Carousel Display

अंगिकाव्याकरण

व्यावहारिक अंगिका व्याकरण (वेब संस्करण)

A Practical English Grammar (Web Edition)




संपर्क सूत्र

Name

Email *

Message *